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- ...रिमेय संख्या छीकै। १, २.५, ३/५, ०.७ आदि परिमेय संख्या के कुछ उदाहरण छै। ई भिन्न संख्या भी कहै छै। [[श्रेणी:प्राथमिक गणित]] ...२ KB (३६ शब्द) - १२:५०, २६ अक्टूबर २०२४
- ...स्यवादी]] और [[वैज्ञानिक]] के रूप में सम्मान दिया जाता है; हालाँकि कुछ लोग गणित और प्राकृतिक दर्शन में उनके योगदान की संभावनाओं पर सवाल उठाते हैं। [[हिरोडो ...ि सब कुछ [[गणित]] से सम्बंधित है और संख्याओं में ही अंततः वास्तविकता है और गणित के माध्यम से हर चीज के बारे में भविष्यवाणी की जा सकती है तथा हर चीज को एक त ...७९ KB (१,४७१ शब्द) - १२:१५, २६ अक्टूबर २०२४
- ...ूर्य सिद्धांत]]|influenced=[[वराहमिहिर]],[[भास्कराचार्य]]|main_interests=[[गणित]],[[खगोल शास्त्र]],|major_works=[[आर्यभटीय]],[[आर्यभट्ट सिद्धांत]]|image=20 ...किया।<ref>{{Cite web|url= http://pustak.org/bs/home.php?bookid=4545|title= गणित-शास्त्र के विकास की भारतीय परम्परा|access-date= [[१२ फरवरी]] [[२००९]]|forma ...७७ KB (१,५३८ शब्द) - १८:१२, १४ अगस्त २०२४
- |fields = [[भौतिक विज्ञान]], [[गणित]], [[खगोल]], प्राकृतिक दर्शन, [[alchemy]], [[theology]] ...ानिक ,ज्योतिष आरू दार्शनिक रहै । हिनको शोध प्रपत्र ‘''प्राकृतिक दर्शन केरो गणितीय सिद्धांत ’'' सन् [[1687]] मँ प्रकाशित होलै, जेकरा मँ सार्वत्रिक [[गुरुत्व ...१५३ KB (३,४३७ शब्द) - २०:५५, १६ मई २०२४